चिन्तितराज और फ़िल्म का बुखार
चिन्तितराज और फिलिम का बुखार
यूँ ही कुछ भी
ये कहानी है ढोलकपुर के रहने वाले चिन्तित राज की जो कि हमेशा चिन्तित ही रहते थे। कुछ दिनों पहले की बात है। सुबह के 8 बजे चुके थे और चिन्तित राज खर्राटा भरते हुए सो रहा था। घर वालो ने उन्हें उठाने की कोशिश की। पर वो गहरी नींद में पड़ा हुआ सपने में जी रहा था। उसके घर वालो ने उसे झिंझोड़ कर उठाने की कोशिश की पर फिर भी वो न उठा। अचानक ही बगल में पड़े सूटकेस और सूटकेस से आते हुए तार के उसके हाथो में लिपटे होने से उन्हें भ्रम हुआ कि कही ये भी तो विदेशी ‘इस साल की पेन्शन’ मूवी देख कर सपनों की दुनिया में तो नही चला गया है और वहाँ पर सपनों की भूलभूलैया में खो जाने कर नींद से उठ नही पा रहा है। यह देख कर उसके घर वाले बेहद चिन्तित हो गये और तुरन्त ही उसके दोस्त को इत्तिला किया गया। ताकि चिन्तितराज इस मुसीबत से बाहर आ सके। क्योंकि चिन्तित राज का दोस्त भी इस तरह की फिल्मों का दीवाना था। उसके दोस्त ने जो खुद 9 बजे सो कर उठता है, उसने तुरन्त ही खबर मिलते ही अपनी शानदार, खूबसूरत, डिजाइनदार, 10 गियर वाली चमचमाती स्पोर्ट्स साइकिल निकाल कर के उसके घर की ओर रवाना हो गया। रास्ते में उसने साइकिल रोक कर चाय पी, पावरोटी खाया, फिर फोन दुबारा आने पर ‘अभी ट्रैफिक मैं फँसा हूँ’ ये बोल कर मजे से चाय की दुकान पर लगे 10 इंच की टीवी पर ‘सुबह सवेरे’ नामक कार्यक्रम देखने लगा।
वैसे तो वो ये अपने फोन पर भी बाद में देख सकता था पर आज बहुचर्चित हॉलीवुड फिल्म ‘फाल्कन एवं सर्दी का सिपाही’ रिलीज होने वाली थी इसलिए उसने डाटा बचाने की सोची। ताकि उसे ऑनलाइन देखा जा सके। वैसे तो वो उस शो में चिठ्ठियाँ खोले जाने का इन्तजार कर रहा था परन्तु लेट होने के कारण उसने अपने साइकिल को रेस में भगाना शुरू कर दिया। रास्ते में आते हुए उसने देखा कि दो बलिष्ठ साड़ आपस में एकदूसरे से लड़ रहे है एवं उनके आपस में भीड़ने की वजह से पूरा इलाका थर्रा उठा था। ये देख कर के उसके मित्र को कुछ दिन पूर्व आयी ‘गॉडजिला एवं कांग’ नामक मूवी का याद आ गयी, क्योंकि उसमें भी गॉडजिला एवं कांग ऐसे ही लड़ते है। सभी लोग उस घटना का विडियो बना रहे थे। कई लोग एक छोटा सा कैमरा और माइक लिए हुए लोगो के पास घूम रहे थे कि ये लड़ाई कैसे शुरू हुई, आपको क्या लगता है कौन जीतेगा। इससे क्या प्रभाव पड़ेगा आदि लोगो से पूछ रहे थे।उसके मित्र ने कहा कि मैं तो अभी इधर आया तो मेरे को क्या मालूम कि ये कब से शुरू हुआ है? और वो तुरन्त विडियो बनाने में मशगूल हो गया क्योंकि उसे इसे वायरल भी करना था। ये सब देखने के बाद वह तेजी से एकदम अपनी साइकिल को आगे बढ़ाता गया।
उसकी साइकिल इतनी तेज थी कि ‘फ्लैश’ नामक व्यक्ति की स्पीड भी उसके सामने चाय कम पानी ज्यादा थी। वैसे वह स्वंय इस बात को सोच रहा था कि आखिर उसकी स्पीड किस व्यक्ति से अधिक है? सुपरमैन या फ्लैश? इसके बाद वह आगे बढ़ा तो उसने देखा कि दो तीन बच्चे फुटबाल खेल रहे थे तभी एक बच्चे ने फुटबाल को इतने तेजी से मारा कि वो उसकी तरफ गोली की तरह आने लगी। तब तक एक महिला ने एकदम तेजी से चलकर उस फुटबॉल को रोक लिया। और उसके दोस्त को चोट लगने से बचा लिया। परिचय पूछने पर यह ज्ञात हुआ कि वह महिला वन्डर वूमैन थी। और सुबह सुबह अपने नये फिल्म का प्रचार करने निकली थी। उस महिला ने चिन्तितराज के मित्र को एक टिकट दिया और उसके 150 रूपये वसूल लिए। बोली कि फिलिम किराये पर है। उसके मित्र ने सोचा कि महँगाई कितनी बढ़ गयी है? पहले 10 रूपये में एक डीवीडी आती थी जिसमें 3 फिलिम होती थी। अब एक फिल्म का ही 150 रूपया?
फिर उसका मित्र चौथी बार कॉल आते ही तुरन्त वहाँ से निकल पड़ा।
क्या हुआ आगे? क्या चिन्तितराज निद्रा से बाहर निकला। क्या वो सच मैं सपनो की भूलभूलैया में खो चुका था? या बात कुछ और थी। ये जानने के लिए इन्तजार करे अगले भाग का । धन्यवाद।
Arman
27-Nov-2021 12:07 AM
Behtreen
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Ravi Goyal
25-Jun-2021 06:44 PM
Bahut khoob 👌👌
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Niraj Pandey
25-Jun-2021 06:41 PM
👌👌
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